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1 दिन में 50,000 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) बढाने के आसान घरेलू उपाय :-
शरीर में कम हà¥à¤ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) की संखà¥à¤¯à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठरोगी को नीचे दिठहà¥à¤ आहार देना चाहिठ:
पपीता / Papaya : पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) की संखà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठपपीते का फल और पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सफलतापूरà¥à¤µà¤• किया जा सकता हैं। 2009 में मलेशिया में हà¥à¤ à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह निषà¥à¤•रà¥à¤· निकला है की डेंगू बà¥à¤–ार में ताजे और सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पपीते के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का ताजा रस देने पर पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायता होती हैं। पपीते के पतà¥à¤¤à¥‡ का रस आप अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° 10 से 20 ml दिन में 2 से 3 बार ले सकते हैं। अगर इसे पिने से उलटी होती है तो यह नहीं लेना चाहिà¤à¥¤ पपीते का फल खाते समय वह पका हà¥à¤† होना चाहिà¤à¥¤
गेहà¥à¤œà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ / Wheatgrass : पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) काउंट बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप गेहू के घास का उपयोग à¤à¥€ कर सकते हैं। 150 ml सà¥à¤µà¤šà¥à¤› और ताजे गेहू के घास का जूस पिने से केवल पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ ही नहीं बलà¥à¤•ि हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨, सफ़ेद रकà¥à¤¤ पेशी और रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार शकà¥à¤¤à¤¿ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ सहायता होती हैं।
चà¥à¤•ंदर / Beetroot : चà¥à¤•ंदर में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते है और साथ में इसका सेवन करने से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ और पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायता होती हैं। आप रोगी को इसकी सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ और पाचक सबà¥à¤œà¥€ बनाकर खिला सकते है या फिर इसका 10 ml ताजा जूस रोगी को दिन में 3 बार पिला सकते हैं।
कदà¥à¤¦à¥‚ / Pumpkin : कदà¥à¤¦à¥‚ में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन K होता हैं। पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ की तरह विटामिन K à¤à¥€ शरीर में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ होने पर खून को ज़माने (Clotting) का काम करता हैं। आप रोगी को इसकी सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ सबà¥à¤œà¥€ बनाकर दे सकते है फिर रोगी को रोजाना 150 ml कदà¥à¤¦à¥‚ का ताजा जूस 1 चमचà¥à¤š शहद मिलाकर पिला सकते हैं।
गिलोय / Giloy : गिलोय का रस पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में बहà¥à¤¤ à¤à¤¹à¤® रोल अदा करता है इसे लेने का तरीका बहà¥à¤¤ आसान है 10″ की गिलोय बेल के टà¥à¤•ड़ा तोड़ कर उसे 1.50 से 2 लीटर पानी में उबाले और उसमे 5-7 तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ थोडा सा अदरक (1 टोफà¥à¤«à¥€ जितना) और 2 चà¥à¤Ÿà¤•ी अजवायन डाल कर तब तक उबाले जब तक वो आधा न रह जाये उसके बाद उसे ठंडा कर के या थोडा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ कर के रोगी को खली पेट देने से चमतà¥à¤•ारी लाठमिलते हैं गिलोय का रस लेने के 30 मिनट तक रोगी को कà¥à¤› à¤à¥€ न दें
कीवी / Kiwi : कीवी फल में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन C, E और पोलीफेनोल होता हैं। रोजाना à¤à¤• कीवी फल सà¥à¤¬à¤¹ और शाम खाने से पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ पेशी की संखà¥à¤¯à¤¾ तेजी से बà¥à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होती हैं। कीवी फल खाने से कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता हैं।
अनार / Pomegranate : अनार à¤à¤• बेहद पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फल हैं। इसमें लोह ततà¥à¤µ / Iron पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होने से यह हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ और पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता हैं। आप रोगी को अनार के दाने निकालकर खिला सकते हैं। इसे खाने से गैस à¤à¥€ नहीं बनता और रोगी का पाचन à¤à¥€ सà¥à¤§à¤°à¤¤à¤¾ हैं। अगर अनार का जूस देना है तो इसे घर पर ही तैयार कर देना चाहिà¤à¥¤
विटामिन C : विटामिन K की तरह पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) की संखà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठशरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन C मिलना à¤à¥€ बेहद जरà¥à¤°à¥€ होता हैं। शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन C मिलने के लिठआहार में निमà¥à¤¬à¥‚, टमाटर, कीवी, संतरा, पालक और बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली जैसे आहार पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का समावेश कर सकते हैं। आप चाहे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से विटामिन C की गोली à¤à¥€ चूस सकते हैं।
पानी / Water : हमारे शरीर में पानी का बड़ा महतà¥à¤¤à¥à¤µ है। शरीर में रकà¥à¤¤ पेशी निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी होना जरà¥à¤°à¥€ हैं। रोगी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को रोजाना 8 से 10 गà¥à¤²à¤¾à¤¸ पानी अवशà¥à¤¯ पीना चाहिà¤à¥¤ डेंगू में शरीर में पानी की कमी होना बहà¥à¤¤ बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ होती हैं।
अनà¥à¤¯ उपयोगी सलाह / Other Important Advice
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) की संखà¥à¤¯à¤¾ कम होने पर पेट की अंदर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ लाल हो जाती है जिससे à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ और गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ बॠजाती हैं। à¤à¤¸à¥‡ हालात में रोगी को कचà¥à¤šà¤¾, à¤à¤¾à¤°à¥€, तीखा और मसालेदार आहार नहीं देना चाहिà¤à¥¤
रोगी को चाय, कॉफी, शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से दूर रहना चाहिà¤à¥¤
रोगी को à¤à¤• साथ अधिक आहार देने की जगह थोड़ा-थोड़ा आहार हर20-30 मिनट में देते रहना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) कम होने पर बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से कोई à¤à¤¾à¤°à¥€ दवा या चूरà¥à¤£ लेने से हानि हो सकती हैं। बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लिठरोगी को कोई दवा नहीं देना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets)की संखà¥à¤¯à¤¾ बेहद कम होने पर बà¥à¤°à¤¶ करते समय दांतों को जोर से नहीं घिसना चाहिà¤à¥¤
रोगी को बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से कोई à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨, नà¥à¤¸à¥à¤–ा या दवा नहीं देना चाहिà¤à¥¤
रोगी को नाक या दांत से खून आना, पेशाब में खून आना, आà¤à¤–े लाल होना, शरीर पर लाल चकते आना, उलटी में खून आना या सांस लेने में तकलीफ होना जैसे कोई लकà¥à¤·à¤£ नजर आने पर इसकी जानकारी तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को देना चाहिà¤à¥¤
रोगी को ठनà¥à¤¡à¥‡ पानी से बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नहीं नहाना चाहिये यदि नहाने का मन हो तो थोडा गरम पानी ले कर उसमे नाहा सकते हैं उसके बाद रोगी को हवा से बचा कर रखें
पैकेट बंद किसी à¤à¥€ तरह का जूस या टला हà¥à¤† कà¥à¤› à¤à¥€ न खाने दें
यदि रोगी तà¥à¤²à¤¸à¥€ का पतà¥à¤¤à¥‡ और पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ की पतà¥à¤¤à¥€ मà¥à¤¹ में रख ले तो मà¥à¤¹ का सवाद बिगड़े बिना वो जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हो सकता है
छोटी ilachi के बीज मà¥à¤¹ में रखे और चूसते रहे ये à¤à¥€ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (platelets) की संखà¥à¤¯à¤¾ को maintain रखते हैं और घटने नहीं देते
शरीर को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार मिलने पर हमारा शरीर ही इस काबिल होता है की वह बड़े से बड़े संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ सकता हैं। रोगी को उचित पोषण के साथ रोगी की परिवार और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से घबराने की जगह रोगी को हिमà¥à¤®à¤¤ देना à¤à¥€ बेहद जरà¥à¤°à¥€ हैं। सकारातà¥à¤®à¤•ता या Positive energy à¤à¥€ रोगी को जलà¥à¤¦ ठीक करने के लिठजरà¥à¤°à¥€ हैं।
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